Breaking News

उसकी☝ मौज दिखती नही, लेकिन दिखाती बहुत है..भलाई और शिकायत..पढ़े क्या है रहस्य


*एक बार एक केकड़ा समुद्र किनारे अपनी मस्ती में चला जा रहा था और बीच बीच में रुक कर अपने पैरों के निशान देख कर खुश होता*
*आगे बढ़ता पैरों के निशान देखता और खुश होता,,,,,*
*इतने में एक लहर आई और उसके पैरों के सभी निशान मिट गये*
*इस पर केकड़े को बड़ा गुस्सा आया, उसने लहर से कहा*





"ए लहर मैं तो तुझे अपना मित्र मानता था, पर ये तूने क्या किया ,मेरे बनाये सुंदर पैरों के निशानों को ही मिटा दिया*
*कैसी दोस्त हो तुम"*

*तब लहर बोली "वो देखो पीछे से मछुआरे पैरों के निशान देख कर केकड़ों को पकड़ने आ रहे हैं*
*हे मित्र, तुमको वो पकड़ न लें ,बस इसीलिए मैंने निशान मिटा दिए*

*ये सुनकर केकड़े की आँखों में आँसू आ गये ।*


*हमारे साथ भी तो ऐसा ही होता है ज़िन्दगी अच्छी खासी चलती रहती है, और हम उसे देखते रहने में ही इतने ज्यादा मगन हो जाते हैं कि सोचते हैं कि बस इसी तरह ही ज़िन्दगी चलती रहे ।*

*लेकिन जैसे ही कोई दुःख या मुसीबत आती है या कोई काम हमारी सोच के मुताबित नही होता तो हम ऊँगली उस मलिक की तरफ उठाना शुरू कर देते हैं, लेकिन ये भूल जाते हैं कि शायद ये दुःख या तकलीफ जो उसने दी हुई है, इसके पीछे भी हमारे भले का कोई राज छिपा होगा ।*


जब तक समय और काम हमारी मर्ज़ी से चलते रहते है , तब हम खुश रहते है, और जब काम उस मालिक की मर्ज़ी से होता है, तो हम क्यों उसकी तरफ मुँह बना कर शिकायत करने पर आ जाते हैं। जबकि हमे तो खुश होना चाहिए कि जब मैं अपनी मर्ज़ी से इतना खुश था तो अब मुझे मलिक की मर्ज़ी कितना खुश रख सकती है ।*

*उसकी☝ मौज दिखती नही, लेकिन दिखाती बहुत है ।*

*उसकी☝ मौज बोलती नही, लेकिन करती बहुत है ।*

No comments:

Post a Comment

Pages